बाराबंकी। शहर के लखपेड़ाबाग चौराहे को लोग आज भी नीम वाला चौराहा कहते हैं। काफी अर्से से इस चौराहे पर नीम का पेड़ नहीं था, लेकिन नाम आज भी वही – नीम वाला चौराहा।
इसी बात को ध्यान में रखते हुए बाराबंकी वन विभाग ने एक सराहनीय पहल की है। वन विभाग के मन में विचार आया कि आने वाली पीढ़ी अगर यह सवाल करे कि यहां नीम तो है नहीं, फिर इसे नीम वाला चौराहा क्यों कहा जाता है, तो इसका क्या जवाब होगा।
इसी पुरानी याद को ताजा करने के लिए बाराबंकी के रेंजर धर्मेंद्र कुमार ने तत्परता दिखाते हुए अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर एक नीम का पेड़ लगाया।
इस नेक कार्य में उनके साथ तेज-तर्रार वन दरोगा हरिराम यादव, जिनके नाम से लकड़ी माफियाओं में खौफ है, अनुराग सिंह, नन्द कुमार तिवारी और रेंजर धर्मेंद्र कुमार के चालक दिनेश यादव भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर शक्तिमान की तरह प्रकट होकर चौराहे पर नीम का पौधा रोपित किया।
पेड़ को जानवरों से सुरक्षित रखने के लिए उसके चारों ओर लोहे की जाली भी लगाई गई है।
वन विभाग के इस कार्य की चारों तरफ सराहना हो रही है। इस नीम के पेड़ से आने-जाने वाले लोगों को शुद्ध ऑक्सीजन तो मिलेगी ही, साथ ही नीम वाले चौराहे की पुरानी पहचान भी हमेशा बनी रहेगी।


